यह लेख विद्यार्थी जीवन के लिए
✍️काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च।
अल्पहारी गृह त्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं॥
1.➡️ कौआ की तरह चेष्टा होनी चाहिए, अर्थात् किसी भी विषय को सीखने की ललक होनी चाहिये। अगर कुछ नया सीखने की चेष्टा नहीं होगी तो विषय नीरस होने लगेगा।
2. ➡️बगुले की तरह ध्यान, बगुला एक पैर पर खड़ा होकर घण्टों मछली का इन्तज़ार करता है। उसी तरह विद्यार्थी को पूरे ध्यान से विषय को समझना चाहिए।आधे अधूरे मन से नहीं।
3.➡️ नींद कुत्ते की तरह, मतलब आलस कम होनी चाहिए शरीर में। अगर शरीर में आलस्य है, तो बिना मन के सीखा गया विषय ना सीखने के बराबर है।
4.➡️ अल्पहारी अर्थात् भोजन कभी भी ठूँस-ठूँस कर नहीं खाना है। ज़्यादा खाने से नींद ज़्यादा आयेगी, आलस होगा, ध्यान से पढ़ नहीं सकते।
5.➡️ गृहत्यागी का मूल अर्थ है घर का त्याग। आज के सन्दर्भ में इस का अर्थ है भौतिकवदिता से एक दूरी।
आज के विद्यार्थी को स्पष्ट निर्देश:
1. आज किया हुआ आपका कर्म कल का आपका अपना भविष्य है। समय के महत्व को समझें।
2. इस उम्र के पड़ाव में स्त्री को पुरुष और पुरुष को स्त्री में आकर्षण होना शुरू होता है। समय के महत्व को समझते हुए, अपनी विषयवस्तु पर ज़्यादा ध्यान दें। एक बार समय हाथ से निकल गया फिर पछताने के सिवा कुछ ना होगा। बेहतर है, खुद को संयम में रखें और पढ़ाई पर ज़्यादा ध्यान दें।
3. नये कपड़े, नया मोबाईल, नयी गाड़ी आदि भौतिक वस्तुओं के मोह से जितना सम्भव हो बचकर रहें। इससे ज़्यादा बेहतर है, अपने चरित्र निर्माण के लिए काम करें।
4. दूसरों को देखकर अपने जीवन में बदलाव ना करें। जैसे मोहन नये कपड़े पहनता है तो मुझे भी जाना है। सोहन दारु पीता है तो मुझे भी पीना है। अपने जीवन के संस्कार स्वयं तय करें। अच्छे संस्कार से कम पैसे में शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं। बुरे संस्कार होने पर धनाढ्य होने पर भी शांतिपूर्ण जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।
5. अपने आदर्श ढंग से चुनें, आज कल लोग फ़िल्मी सितारों को अपना आदर्श बना लेते हैं। आदर्श ऐसा चुने जिसके जैसा बनने की प्रेरणा मिले।
6. आजकल विद्यार्थी कई तरह के बुरे व्यसनों के शिकार हो जाते हैं। किसी भी व्यसन से छुटकारा पाने के कारगर उपाय है। संकल्प शक्ति का विकास।
7. विद्यार्थी को चाहिए, ४:०० से ४:३० के बीच उठ जाए। इससे मानसिक शक्ति का विकास होता है। और बुरे व्यसनों को छोड़ने में सहायक होता है।
8. विद्यार्थी को चाहिये, एक routine बनायें और उसे कड़ाई से पालन करे।
↪️संकल्प शक्ति कैसे बढ़ाएँ और समय सारणी कैसे बनायें व पालन करें :
1. सबसे पहले एक छोटा सा कार्य निर्धारित करें और उसे समय पर पुरा करें। जैसे मैं आज एक अध्याय पुरा करूँगा।
2. जो काम आज हो सकता है, उसे कल पर कभी ना टालें।
3. सबसे पहले सुबह उठने का समय निर्धारित करें और ज़िद्दी बन कर सुबह निर्धारित समय पर अवश्य उठें।
4. एक बार में ही सारा समय सारणी बदल देने की भूल न करें। नहीं तो दो दिन बाद वापस वहीं होगे, जहाँ से शुरू किया था।
5. मोबाईल का प्रयोग एक नियत समय तक ही करो।
6. सोते समय मोबाईल को साथ में लेकर न सोयें। अगर समय देख ने के लिए चाहिए तो मोबाईल को flight mode में रखो और स्क्रीन की रोशनी कम।
💠विद्यार्थी जीवन में तनाव:💠
आज के माहौल में लोग सीखने के लिए नहीं बल्कि दूसरे से प्रतिस्पर्धा के लिए पढ़ते हैं। यह विद्या अर्जन का सबसे बुरा दौर कहा जा सकता है। मैं सभी विद्यार्थी से कहना चाहता हूँ, स्पर्धा के लिए नहीं सीखने के लिए पढ़ो। हो सकता है, प्रतिस्पर्धा में कभी आगे तो कभी पीछे रहोगे। लेकिन यह आगे-पीछे होना पूरे जीवन को प्रभावित नहीं करता है। इसलिए मेरे विद्यार्थियों सीखने के लिए पढ़ो, तुम्हारा सीखा हुआ ज्ञान तुम्हारी जीवन की दिशा और दशा तय करेगा।
मैं फिर कहता हूँ “अच्छे संस्कार से कम पैसे में शांतिपूर्ण जीवन जी सकते हैं।” अपने जीवन में संस्कार को सीखो। एक अच्छे, सच्चे और सभ्य इंसान बनों।
तुम्हारा जीवन शान्तिमय हो।
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