🤜Rafael 🤛
↪️Some questions related to Rafael ↩️
💠डसॉल्ट राफेल या राफेल एक फ्रेंच दोहरे इंजन वाला, कैनर्ड डेल्टा विंग, मल्टीरोल डेसॉल्ट एविएशन द्वारा डिजाइन और निर्मित लड़ाकू विमान है।
➡️उच्चतम गति: 1,389 कि॰/घं॰ रुझान में है
➡️सीमा: 3,700 कि.मी.
➡️उत्पत्ति का देश: फ्रांस
➡️निर्माता: दसॉल्ट एविएशन
➡️प्रकार: मल्टीरोले लड़ाकू
➡️कार्यक्रम लागत: €45.9 बिलियन (as of FY2013) (US$62.7 बिलियन)
🤔 राफेल की स्पीड कितनी है?
👉24,500 किलोग्राम वजन वाला राफेल एयरक्राफ्ट 9500 किलोग्राम भार उठाने में सक्षम है. इसकी अधिकतम रफ्तार 1389 किमी/घंटा है. एक बार उड़ान भरने के बाद 3700 किमी तक का सफर तय कर सकता है.
🤔भारत में कितने राफेल खरीदे और सौदा कब हुआ था?
👉भारत ने वायुसेना के लिए 36 राफेल विमान खरीदने के लिए चार साल पहले सितंबर में फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये का करार किया था. भारत ने राफेल सौदे में करीब 710 मिलियन यूरो (यानि करीब 5341 करोड़ रुपए) लड़ाकू विमानों के हथियारों पर खर्च किए हैं.
🤔 राफेल इतना ज्यादा महंगा क्यों हैं?
👉36 राफेल विमानों की कीमत 3402 मिलियन यूरो है. विमानों के स्पेयर पार्टस 1800 मिलियन यूरो के हैं, जबकि भारत के जलवायु के अनुरुप बनाने में 1700 मिलियन यूरो का खर्चा हुआ है. इसके अलावा परफॉर्मेंस बेस्ड लॉजिस्टिक का खर्चा करीब 353 मिलियन यूरो का है. एक विमान की कीमत करीब 90 मिलियन यूरो है यानी करीब 673 करोड़ रुपए. लेकिन इस विमान में लगने वाले हथियार, सिम्यूलेटर, ट्रैनिंग मिलाकर एक फाइटर जेट की कीमत करीब 1600 करोड़ रुपए पड़ेगी।
🤔राफेल भारत कब और कहाँ पहुंँचा?
👉राफेल क 29 जुलाई को हरियाणा के अंबाला वायुसेना एयरबेस पर पहुंचा। अंबाला में ही राफेल फाइटर जेट्स की पहली स्क्वाड्रन तैनात हुई।17वीं नंबर की इस स्क्वाड्रन को 'गोल्डन-ऐरोज़' नाम दिया गया है।
🤔 अंबाला एयरबेस को ही क्यों चुना गया?
👉अंबाला एयरबेस पर राफेल को तैनात करने का फैसला इसलिए किया गया है, क्योंकि यहां पर भारत के जंगी बेड़े की सबसे घातक और सुपरसोनिक मिसाइल, ब्रह्मोस की स्क्वाड्रन भी तैनात है. साथ ही चीन और पाकिस्तान की सरहदें यहां से करीब हैं.🤔 भारत को बाकी 36 विमान कब मिलेंगे?
👉भारतीय वायुसेना ने बताया है कि सभी 36 विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाएगी. वायुसेना को पहला राफेल विमान पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान सौंपा गया था. बयान में यह भी कहा गया है कि 10 विमानों की आपूर्ति समय पर पूरी हो गई है और इनमें से पांच विमान प्रशिक्षण मिशन के लिये फ्रांस में ही रुकेंगे.
🤔 क्यों खास है राफेल विमान?
👉राफेल विमान अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों से लैस हैं। दुनिया की सबसे घातक समझे जाने वाली हवा से हवा में मार करने वाली मेटयोर (METEOR) मिसाइल चीन तो क्या किसी भी एशियाई देश के पास नहीं है।➡️वियोंड विज्युल रेंज ‘मेटयोर’ मिसाइल की रेंज करीब 150 किलोमीटर है। हवा से हवा में मार करने वाली ये मिसाइल दुनिया की सबसे घातक हथियारों में गिनी जाती है। इसके अलावा राफेल फाइटर जेट लंबी दूरी की हवा से सतह में मार करने वाली स्कैल्प क्रूज मिसाइल और हवा से हवा में मार करने वाली माइका मिसाइल से भी लैस है।


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